The last complete budget of the second term of the Narendra Modi government is going to be presented today i.e. on February 1.
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 बजे संसद में बजट पेश करेंगी. इस बजट से सैलरीड क्लास को काफी उम्मीदें हैं. पिछले कई सालों से सैलरीड क्लास के लिए कोई भी आकर्षक घोषणा नहीं की गई है.
Country's Finance Minister Nirmala Sitharaman at 11 o'clock
संसद में बजट पेश करेंगी. इस बजट से सैलरीड क्लास को काफी उम्मीदें हैं. पिछले कई सालों से सैलरीड क्लास के लिए कोई भी आकर्षक घोषणा नहीं की गई है.
Modi government's new scheme to the people who pay income tax
व्यवस्था ज्यादा पसंद नहीं आई है. अधिकतर लोग पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था पर ही टिके हुए हैं. इस बजट में एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि नई टैक्स व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जा सकता है, जिससे लोगों का आकर्षण इस ओर ज्यादा बढ़ जाए.
The Narendra Modi government announced this new tax system on April 1, 2020.
नरेंद्र मोदी सरकार ने एक अप्रैल, 2020 को इस नई टैक्स व्यवस्था का ऐलान किया था. इस व्यवस्था में कर योग्य आय में बिना किसी छूट (डिडक्शन) के नए टैक्स स्लैब बनाए गए थे. हालांकि, अधिकतर सैलरीड क्लास ने मोदी सरकार की इस नई व्यवस्था पर नहीं बल्कि पुरानी व्यवस्था पर ही भरोसा जताया.
एक्सपर्ट के अनुसार, देश में सात करोड़ टैक्स देने वाले लोगों में से सिर्फ पांच लाख लोगों ने ही इस नई व्यवस्था को चुना है. वर्तमान में इस नई टैक्स व्यवस्था में सात इनकम स्लैब्स दिए गए हैं. जिसके अनुसार, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख तक है, उन्हें कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है. जबकि जो लोग 2.5 लाख से 5 लाख के बीच साल में कमा रहे हैं, उन्हें पांच फीसदी टैक्स लगता है लेकिन सरकार टैक्स रिबेट देती है. यानी कुल 5 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है. जिनकी सालाना आय 5 लाख से 7.5 लाख है, उन्हें 10 फीसदी टैक्स देना होता है. वहीं 7.5 से 10 लाख तक की सालाना आय पर 15 फीसदी आयकर देना पड़ता है.
